Home > India > आत्मनिर्भर गाँव बनाने वाले अमिताभ सोनी से मिलें, आदिवासी IT कंपनी और कुएँ बनाये, लंदन की नौकरी छोड़ी

आत्मनिर्भर गाँव बनाने वाले अमिताभ सोनी से मिलें, आदिवासी IT कंपनी और कुएँ बनाये, लंदन की नौकरी छोड़ी

Amitabh Soni Bhopal MP
Share This Post

Photo Courtesy: Amitabh Soni on Social Media

आज कोरोना संकट (Corona) और लॉक डाउन (Lockdown) ने देश और पूरी दुनिया को बता दिया है की देश के अंदर रहकर आत्मनिर्भर बनने से भी लोगो और देश का विकाश और भला हो सकता है। इस गंभीर मुद्दे पर पहले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सार्वजनिक तौर पर बात कर चुके है। अब देश में लघु उद्योग और स्किल पर ध्यान देना शुरू कर दिया गया है। ऐसे ही एक शख्स ने विदेश की नौकरी छोड़कर भारत के गाँव में ही रहकर विकाश करने का बीड़ा उठाया है।




हम बात कर रहे है मध्य प्रदेश के भोपाल (Bhopal, Madhya Pradesh) में रहने वाले युवा समाज सेवक अमिताभ सोनी (Amitabh Soni) की। कभी लंदन में नौकरी कर रहे थे, परन्तु हमेशा ही उनके मन में अपने देश में आकर देश के लोगों के लिए कुछ करने की ललक थी। लंदन में नौकरी करने का एक मकसद यही था की वे स्वयं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना चाहते थे, ताकि भविष्य में लोगों की मदद कर पाए।

आपको बता दे की अमिताभ सोनी का जन्म मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ और फिर वे भोपाल (Bhopal) में रहे। पिता सेना में अधिकारी थे, उन्हीं की प्रेरणा से उनमे देश के लिए सेवा की भावना की ललक जगी। पहले स्कूल और फिर इंटरनेशनल बिजनेस की डिग्री पूरी करने के बाद वे इंग्लैंड चले गये, वहां लगभग 10 वर्षों तक नौकरी की।

वे लंदन में ब्रिटिश सरकार के सोशल वेलफेयर बोर्ड के समाज कल्याण मंत्रालय में जॉब करते रहे। उनके बाद साल 2014 में भारत वापस आ गए।अमिताभ सोनी के मन में देश के गांव के लोगो के लिए कुछ करने की चाह थी। गाँव के लोगो का जीवन स्तर भी काफी हद तक शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से सुधारा जा सकता है, यह बहुत पहले ही वे भली भांति समझ गए थे।



उन्होंने “एक नंबर न्यूज़” की टीम को बताया की कॉलेज के समय में भी मैं आदिवासियों के लिए थोड़ा बहुत काम करता था। मैं जानता था, आदिवासी बहुत ही ईमानदार और मेहनतकश लोग होते हैं। यदि इन्हे कोई सही मांग दिखाने वाला मिल जाए, तो ये लोग बहुत आगे बढ़ सकते हैं।” फिर भारत लौटने के बाद सोनी ने भोपाल की सबसे बड़ी आदिवासी पंचायत में काम करना शुरू किया। इन्होने मध्य प्रदेश के आदिवासी गांव भानपुर केकड़िया को सबसे पहले चुना। यहाँ अमिताभ ने गाँव के आदिवासी युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की ओर कदम बढ़ाया।

अमिताभ सोनी ने बताया की उन गांव के लोगों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयास सबसे पहले किये गए। गांव में रोजगार न होने से युवा शहरों की ओर जाया करते थे। इस कठिनाई ने निजात दिलाने के लिए और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए एक आईटी कंपनी की शुरुआत की, जिसे आदिवासी युवा खुद ही चला रहे है। इसे लोग आदिवासी आईटी कंपनी कहते है। इसकी शुरुआत डाटा एंट्री (Data Entry) के काम से की गई और फिर अब कंपनी के युवाओ के स्किल बढाने और उन्हें ट्रैंनिंग देने का काम अभी जारी है।

ये लोग सिर्फ विज्ञान और तकनीक से पीछे हैं, जिस पर हम ध्यान दे रहे हैं। जनसहयोग से बनी इस कंपनी का नाम ‘विलेज क्वेस्ट’ रखा गया है। इस कंपनी के माध्यम से बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र खोला गया। यहाँ पर लोगो और बच्चो को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, पेंटिंग, टाइपिंग की ट्रैंनिंग भी दी जाती हैं। सोनी जी ने हमें बताया की आज के समय में कंप्यूटर स्लीक और ऑनलाइन वर्क की जरुरत बढ़ी है।

अब आदिवासियों और यहाँ की लड़कियों को भी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है और स्कूल भी संचालित किए जा रहे हैं। करवा आगे बढ़ा तो कुछ सहयोगियों ने स्कूल में बच्चों के लिए फर्नीचर से लेकर कॉपी-किताबें भी उपलब्ध करवाई। स्कूल में बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कंप्यूटर लैब की भी व्यवस्था करवाई गई।



फिर उन्होंने देखा की गाँव में पानी की कमी है, तो पानी की कमी को दूर करने के लिए गांव में जल संरक्षण की योजना पर काम करना चालू कर दिया। सरकारी योजनाओं का फायदा गाँव के लोगों तक पहुंचाने के लिए गाँव के युवाओं और गांव के वरिष्ठ लोगों को इकट्ठा करके एक समिति बनाई गई। युवा योजनाओं की जानकारी सभी तक पहुंचाने का काम किया गया। अब गांव में कुएं खुदवाने का काम किया जा रहा है और उनके सफलता मिलना चालु जो गई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 23 किमी दूर स्थित इस गाँव को अमिताभ सोनी ने गोद लिया हुआ है और 2015 से इसके उत्थान में लगे हैं। उनके द्वारा फंड रेज अभियान चलाया और जो पैसा आया उससे सौर पैनल लगवाये गए। पानी की किल्लत होने पर जल ही जीवन है की तर्ज़ पर अब गांव को पानी की सुविधा मुहैया करवाने का बीड़ा भी अमिताभ सोनी ने उठाया है।

इसके अलावा गाँव में सिंचाई के लिए पानी की समस्या का सामना करने वाले लोगो के साथ अमिताभ सोनी की संस्था अब छोटे-छोटे चेक डैम, स्टॉप डैम और कुएं की एक श्रृंखला बनाने पर कार्य कर रही है और जैविक खेती पर भी जोर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में अनेक कुएं बनवाये जा रहे है। अभी कुछ का काम संपन्न हो गया है और कुछ कुएं और छोटे डैम बनने का काम जारी है।

भोपाल के इन युवा और आत्मनिर्भर भारत अभियान के योद्धा ने हमें बताया की हमारी संस्था ‘अभेद्य’ में हमारी कोशिश गाँव के आदिवासी युवा और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की है। यह सामाजिक बदलाव और आत्मनिर्भर भारत अभियान को समषने के लिए सबसे उम्दा उदहारण है, जो अमिताभ सोनी ने देश के सामने पेश किया है। यदि इस मॉडल को देश के सभी गांवों में सुचारु कर दिया जाये तो गांवों के साथ साथ पूरे देश की तस्वीर बदल जाएगी और भारत विश्वगुरु का कहिया हुआ दर्ज़ा फिरसे हासिल करने में जरूर सफल होगा।


Share This Post
Nitin Chourasia
Nitin Chourasia
Uploaderleaks is online news portal in Hindi. Nitin Chourasia is the founder and chief editor of this portal. If any query mail on uploaderleaks@gmail.com
http://www.uploaderleaks.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *