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सांता क्लाज़ कौन थे, पश्चिम के देखों में फैला विश्वास या अंधविश्वास ? जानें Who Is Santa Claus?

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आज क्रिसमस फेस्टिवल पूरी पूरी दुनिया समेत भारत में भी मनाया जा रहा है। क्रिसमास को वैसे तो खुशियों और गिफ्ट का त्यौहार कहा जाता है। और यह गिफ्ट लोग ही एक दूसरे को देते हैं। किन्तु क्रिसमस पर गिफ्ट देने की एक मान्यता सांता क्लाउस से जुडी है। लोगो के मन में यह सवाल उठता है की क्या सच में कोई Santa Claus होते हैं और लोगों को खुशियां और गिफ्ट देने आते हैं ?

आज हम इसी बात की पड़ताल करने निकले हैं और यह जानने की कोशिश की क्या सच में Santa Claus का कोई अस्थित्व है या बस एक अंधविश्वास मात्र या किसी लेखक की कोरी कल्पना ?

असल में सांता क्लाउस की कहानी शुरू हुई थी 280 ईस्वी के आस पास यूरोप के मीरा (Myra) नमक स्थान पर, जो आज तुर्की देश में हैं। Myra में एक ग्रीक बिशप थे जिनका नाम Saint Nicholas था। संत निकोलस को आप ईसाइयो का पादरी या धर्म गुरु कह सकते हैं। विशप का मतलब धर्म गुरु का ईसाइयो के धार्मिक अनुष्ठान करने वाला होता है। संत निकोलस के अन्न नाम Saint Nicholas, Kris Kringle, Father Christma हैं।



280 A.D. के इतिहास की माने तो संत निकोलॉस एक भले आदमी और बिशप थे। इनके माता पिता उनके लिए बहुत सारा धन और जायदाद छोड़ गए थे। संत निकोलॉस की ज्यादा जरुरत थी थी तो वे जरुरत मंदो की मदत किया करते थे। एक किस्से के अनुसार एक गरीब आदमी चर्च में आया और यीशु से प्रार्थना की कि वह बहुत गरीब है और उसकी तीन बेटियां है। वह अपनी बेरियों की शादी नहीं करवा पा रहा है।

चर्च में उस गरीब आदमी की प्रार्थना यीशु ने सुनी या नहीं ये तो पता नहीं पर वहां खड़े संत निकोलॉस ने सुन ली थी। बस दिर इस संत ने उस गरीब आदमी की मदत करने की ठान ली और मध्यरात्रि में जब सब सो रहे थे तब Saint Nicholas ने उस आदमी के घर की चिमनी में एक सोने के सिक्कों से भरा थैला गिराकर चले गए। अगली सुबह वह सोने के सिक्कों का थैला उस आदमी की एक बेटी को मिला और उन्हें यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगा। इस गरीब आदमी की तीनों बेटियो की शादी हो गई।




यह किस्सा Myra में सुर्खियां बन गया और तुर्की के साथ साथ पुरे यूरोप में विख्यात हो गया। असल में एक भले इंसान ने एक जरुरतमंद की मदत की थी। किन्तु उस समय पश्मिम के देखो को काफी दिनों से कोई मसीहा नहीं मिला था और Jesus Christ के किस्से को भी 280 साल हो चुके थे और लोगो ने किसी चमत्कार की न्यूज़ या कहानी भी नहीं सुनी थी।

तो उस समय के कुछ लोगो और लेखको ने उन भले सज्जन Saint Nicholas को एक चमत्कार का रूप दे दिया और वे Santa Claus के नाम से जाने जाने लगे। अब इस मुहीम सी छिड़ गई थी की यदि कोई किसी की मदत करता तो उसे भी सांता क्लाउस कहा जाता। मतलब अगर आप किसी की मदत करते है या किसी को गिफ्ट देते है तो आप भी Santa Claus है।

यह एक विस्वास वाली बात है किन्तु कुछ लोगो और कुछ फेंटेसी लेखकों ने सांता क्लाउस को एक ईश्वरीय शक्ति का रूप दे दिया और ऐसा दिखाया की मानों सांता क्लाउस कोई जादूगर या परी है जो एक उड़ती घोड़ा गाड़ी में आते हैं और चमत्कार करके किसी को कुछ भी पता चलने से पहले चले जाते हैं, मानों कोई ईश्वरीय चमत्कारिक शक्ति हो।




अब आपके मन में एक और सवाल उठेगा की तुर्की तो एक मुस्लिम देश है तो वाला ऐसा कैसे हुआ? आपको बता दे की पहले पूरा यूरोप ईसाई ही था और यह सांता क्लाउस वाली घटना 280 ईस्वी में तुर्की के मीरा नामक स्थान की है। फिर 570 इसकी में यूरोप के बगल में सऊदी अरब पैगम्बर मोहम्मद साहब के जन्म और 632 ईस्वी में उनकी मृत्यु के बाद जब इस्लाम धर्म का उदय हुआ तो।

इस नए धर्म को मानने वाले राजा सुल्तान कहे जाने लगे। 11 वीं सदी में एक सीरिया का सुल्तान हुआ सुल्तान सलाउद्दीन अय्यूबी, जिसने यूरोप पर चढाई की और यूरोप को हथियानें की मुहीम में कई लड़ाईया की। इस लड़ाई में इस्लामिक सुल्तानों ने यूरोप से तुर्की को चीन लिया और 11 वीं सदी से तुर्की मुस्लिम राष्ट्र हैं।

नोट:- यह लेख एक रिसर्च के मुताबिक इतिहास के किताबो और 280 A.D. के Myra तुर्की की कहानियो पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसी की भी धार्मिक या निजी भावनाओं को ठेस पहुंचना नहीं है बल्कि जानकारी देना हैं।

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Nitin Chourasia
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